सभी राशियों में उसका स्वभाव सबसे चंचल है। वानर अक्सर महफ़िल की जान होता है, उसमें हास्य-बोध है, पर वह हमेशा चालाक और धूर्त रहता है। वह मिलनसार है और ऐसा आभास देता है कि सभी राशियों से उसकी बनती है। पर यह सामंजस्य धोखा है। वानर बहुत स्वार्थी है। खिलंदड़ा, शिष्ट, यहाँ तक कि सेवा-भाव वाला - वह अपनी दिखावटी शिष्टता और मिलनसारिता के पीछे दूसरों के बारे में अपनी घटिया राय छिपाए रखता है। असल में वह बाक़ी सभी राशियों को तुच्छ समझता है और खुद को दूसरों से ऊपर मानता है।