कुत्ता हमेशा बेचैन रहता है, हमेशा पहरे पर रहता है, कभी आराम नहीं करता। वह सदा चौकन्ना है, वह रखवाली करता है। कुत्ता अंतर्मुखी है। वह अपनी भावनाएँ कम ही दिखाता है, सिवाय तब जब ज़रूरत पड़ जाए। वह हद दर्जे तक ज़िद्दी है और जानता है कि उसे क्या चाहिए। अक्सर वह निंदक बन जाता है, और उसकी कड़वी तथा अप्रिय टिप्पणियों से लोग डरते हैं। कुत्ते में ब्योरों में डूब जाने, बात-बेबात आलोचना करने और लगातार कोई न कोई दरार खोजते रहने की प्रवृत्ति दिखाई देती है। असल में वह बहुत बड़ा निराशावादी है, जो जीवन से कुछ भी अपेक्षा नहीं रखता।